गंगापार, अगस्त 9 -- लालगोपालगंज जगह-जगह से धंसी मिट्टी, क्षतिग्रस्त फर्श, दरार युक्त बाउंड्री, सूखी पड़ी टोटियां और पंप के चलने का इंतजार करता ओवरहेड टैंक। यह दुर्दशा उस निर्माणाधीन ओवरहेड टैंक एवं पंप हाउस की है जिसमें साल भर में लाखों रुपये फूंक दिए गए। वर्ष 2024 में शुरू हुई यह परियोजना महज 18 महीने में पूरी हो जानी थी लेकिन 16 माह बीतने के बाद भी इस परियोजना का हर काम आधा अधूरा पड़ा है। इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही पाइपलाइन बिछाने के काम में भी भारी लापरवाही व मनमानी की गई। जो कार्य करवाया भी गया, वह भी इतने दोयम दर्जे का है कि परियोजना के शुभारंभ के पहले से ही जवाब देने लगा। पिछले 16 महीने से निर्माणाधीन परियोजना को देखकर अब ग्रामीण भी कहने लगे कि आर्सेनिक व फ्लोराइड मुक्त पानी का सपना अधूरा ही रह जाएगा। विकास खंड श्रृंग्वेरपुर धाम के ग...
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