प्रयागराज, अप्रैल 21 -- प्रयागराज, प्रमुख संवाददाता। उन्नाव में पिछले दिनों सड़क हादसे में परिषदीय स्कूल की तीन शिक्षिकाओं की मौत से लाखों शिक्षक सदमे में हैं। स्कूल आने-जाने के दौरान आए दिन होने वाली इस प्रकार की घटनाएं उस हकीकत को सामने रखती है जिससे प्रदेश के पांच लाख से अधिक परिषदीय शिक्षक हर दिन दो-चार होते हैं। प्रयागराज में भी दो महीने पहले स्कूटी से स्कूल जा रही शिक्षिका की सड़क हादसे में जान चली गई थी। आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान की 'बोले प्रयागराज शृंखला के तहत रविवार को उन शिक्षिकाओं का दर्द समझने की कोशिश की गई जो लंबी दूरी तय करके पढ़ाने जाती हैं। शिक्षिकाओं का कहना है कि नौकरी के लिए परिवार को समय नहीं दे पातीं। लंबे समय तक गाड़ी में सफर करने के कारण अधिकांश शिक्षिकाओं को सर्वाइकल, स्पांडलाइटिस जैसी बीमारी ने घेर रखा है। फि...
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