गंगापार, फरवरी 24 -- गांधीजी का आदर्श गांव का दर्शन गांवों में पूर्ण स्वच्छता, गांव की गलियां और सड़कें धूल और गंदगी से मुक्त होने पर केन्द्रित था। अपनी पुस्तक आश्रम अब्ज़र्वन्स इन एक्शन में गांधीजी ने लिखा है कि स्वच्छता सेवा एक आवश्यक और बहुत पवित्र सेवा है। वर्तमान सरकार गांवों में शौचालय निर्माण को लेकर विशेष ध्यान दे रही है। लेकिन लाखों करोड़ों खर्च होने के बावजूद, सरकारी कुप्रबंधन के कारण आम जनमानस को शायद ही इसका लाभ मिल रहा हो। हंडिया तहसील के कई गांवों के पात्र ग्रामीण शौचालय की सुविधा से कोसों दूर हैं। क्षेत्र के मुख्य चौराहों पर एक भी शौचालय नहीं है। शौचालय न होने से सबसे अधिक दिक्कत महिला व दिव्यांग राहगीरों को होती है। सैदाबाद, बीदा, बालीपुर, बरौत, भीटी आदि मुख्य बाजारों में एक भी शौचालय नहीं है। नालियों, इंटरलॉकिंग स...
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