भागलपुर, दिसम्बर 5 -- - प्रस्तुति: अमित गोस्वामी रजनीश बिहार में सड़कों और गलियों का विकास तेजी से हुआ है। पुल-पुलियों का भी विकास कम नहीं हुआ। लेकिन श्रीनगर प्रखंड में पटना रहिका लगभग 4000 आदिवासियों का एक ऐसा गांव है, जहां देश के आजाद हो जाने के बाद भी आज तक नदी पर पुल नहीं बना। इसका मलाल गांव में बसने वाले अधिकांश गरीब और मजलूम लोगों को काफी ज्यादा है। जनप्रतिनिधियों के अनदेखी और प्रशासन का उदासीन रवैया अब इन लोगों के लिए नियति बन गई है। यहां के लोगों का कहना है कि इन लोगों का अपना कोई नेता नहीं है लेकिन जब चुनाव का समय आता है तो कई नेता आते हैं और वोट लेकर चले जाते हैं। कुछ युवाओं ने बताया कि हम लोगों को तो स्थानीय नेता अलग दुनिया का लोग समझते हैं। हम लोगों को आवागमन नहीं रहने के कारण तरह-तरह की परेशानी है। कहना अतिशय नहीं होगा कि हमा...