भागलपुर, फरवरी 21 -- जंगलों के अंधाधुंध सफाए ने आमजन मानस को प्रभावित किया है, परन्तु इससे विश्वकर्मा समाज को अतिरिक्त परेशानी हुई है। फर्नीचर बनाने के धंधे को धीमा कर दिया है। ऊपर से सरकारी व्यवस्था के कारण नयी पीढ़ी अब इस पेशे से विमुख होने लगी है। रही-सही कसर बाजार में रेडिमेड फर्नीचर की दुकानों ने पूरी कर दी है। रुखानी और बसूला से लकड़ी पर नक्काशी कर विश्वकर्मा समाज फर्नीचर बनाते थे, आज यह व्यवसाय सिमटने लगा है। विश्वकर्मा समाज की राजनीति में कम हिस्सेदारी भी एक बड़ा कारण है। हिन्दुस्तान के साथ संवाद के दौरान जिले के विश्वकर्मा समाज के लोगों ने अपनी समस्या बताई। 03 लाख हैं पूर्णिया जिले में बढ़ई समाज की आबादी 02 लाख मतदाता हैं जिले में बढ़ई समाज के 30 सीएनसी मशीन चल रहीं जिले में फर्नीचरों की डिजाइन बनाने वाली पूर्णिया जिले में तीन ला...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.