भागलपुर, दिसम्बर 9 -- - प्रस्तुति : प्रदीप कुमार राय इंडो-नेपाल अंतर्राष्ट्रीय राजमार्ग से जुड़ा जलालगढ़ बाजार इन दिनों अतिक्रमण समस्या से जूझ रहा है। यह बाजार ऐतिहासिक रूप से व्यापारिक गतिविधियों का केंद्र रहा है। पुराने समय में पूर्णिया और सीमांचल क्षेत्र के लोग नेपाल के मोरंग जंगलों से लकड़ी काटने जाते थे और लौटते वक्त जलालगढ़ में ठहरते थे। इसी कारण यहां लकड़ी का बड़ा बाजार विकसित हुआ। धीरे-धीरे यह क्षेत्र कपड़ा, मिठाई और दवा कारोबार का प्रमुख केंद्र बन गया। लेकिन आबादी बढ़ने और जगह की कमी के कारण अब फुटकर व्यवसायियों ने सड़क किनारे दुकानें सजा ली हैं। इससे बाजार की रौनक तो बढ़ी है, पर अतिक्रमण और जाम की समस्या गंभीर होती जा रही है। राहगीरों को जहां आवाजाही में परेशानी झेलनी पड़ती है, वहीं वाहनों की लंबी कतारें अक्सर जाम का कारण बनती ह...
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