भागलपुर, जून 29 -- प्रस्तुति: कुंदन कुमार सिंह सदर अस्पताल भी नहीं रहा। मेडिकल कॉलेज में सुविधा नदारद है। एम्स की मांग अधूरी रह गई। 'मेडिकल हब कहलाने वाले पूर्णिया की वर्तमान स्थिति यही दर्शाती है। वर्ष 2021 में पूर्णिया सदर अस्पताल का दरवाजा बंद हो गया और उसी स्थान पर उससे भी बड़ा दरवाजा - पूर्णिया मेडिकल कॉलेज का खुल गया। इससे आम लोगों को यह भरोसा हुआ था कि अब पूर्णिया समेत आसपास के रोगियों का इलाज भी पटना की तरह ही हो सकेगा। लेकिन यहां उल्टा हो गया। मेडिकल कॉलेज में अबतक सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हो पाई हैं। हालांकि, धीरे-धीरे व्यवस्थाएं जरूर बदल रही हैं, लेकिन जिस अपेक्षा के साथ लोगों ने इस बदलाव को स्वीकार किया था, वह पूरी नहीं हो सकी है। यह बातें हिन्दुस्तान के 'बोले पूर्णिया' संवाद के दौरान उभर कर सामने आईं। पूर्णिया जिले का ...