भागलपुर, मई 17 -- पंचायत सचिवों की परेशानी -प्रस्तुति : मुकेश श्रीवास्तव -पंचायत सचिवों की यह लड़ाई केवल वेतन या भत्ते के लिए नहीं है, बल्कि सम्मान, स्थायित्व और कार्यदक्षता के लिए है। एक सुव्यवस्थित, सुरक्षित और सशक्त पंचायत सचिव न केवल प्रशासनिक मजबूती लाएगा, बल्कि देश की ग्रामीण आत्मा को भी मज़बूती देगा। अब देखना यह होगा कि सरकार इस ओर कब तक और कैसे संज्ञान लेती है। पंचायत सचिवों की ये माँगें केवल वेतन और सुविधाओं तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह ग्रामीण शासन में सुधार की दिशा में भी एक महत्वपूर्ण कदम है। यदि सरकार इन माँगों पर सकारात्मक कदम उठाती है, तो इससे न केवल पंचायत सचिवों का मनोबल बढ़ेगा बल्कि ग्रामीण विकास को भी नया आयाम मिलेगा। बिहार सरकार ने हाल ही में कई वर्गों के वेतन और सेवा शर्तों में सुधार किया है, लेकिन पंचायत सचिवों की माँ...
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