पलामू, नवम्बर 16 -- मेदिनीनगर से महज 17 किमी दूर स्थित रबदा पंचायत आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव से जूझ रहा है। करीब 8 हजार की आबादी वाला यह इलाका प्राकृतिक संसाधनों से भले समृद्ध हो, लेकिन स्वच्छ पेयजल जैसी मूल जरूरत अब भी यहां के लोगों की पहुंच से दूर है। चार वर्ग किमी में फैले दो गांवों में सिंचाई की कमी, टूटी-फूटी सड़कें, खराब लघु जलमीनारें और नालियों का घोर अभाव विकास की धीमी रफ्तार की कहानी बयां करते हैं। हिन्दुस्तान के बोले पलामू अभियान के दौरान ग्रामीणों ने अपनी समस्याओं और अपेक्षाओं को बेझिझक सामने रखा। मेदिनीनगर। पलामू जिले के चैनपुर प्रखंड का रबदा पंचायत प्राकृतिक रूप से समृद्ध क्षेत्र होने के बावजूद विकास के मामले में अब भी पिछड़ी हुई है। दो गांवों में विभाजित इस पंचायत में दस छोटे-छोटे टोले में आबादी बसी हुई है। सभी जाति और...