पलामू, नवम्बर 3 -- महिला क्रिकेट विश्वकप में भारत की ऐतिहासिक जीत ने पूरे देश की बेटियों को नई ऊर्जा दी है और पलामू की बालिका खिलाड़ी भी इससे अछूती नहीं हैं। उनके अंदर भी वही जज्बा है, वही सपने हैं, लेकिन रास्ते में रुकावटें बहुत हैं-सुरक्षा की चिंता, उपकरणों की कमी, खेल मैदानों का अभाव और प्रोत्साहन की कमी। बावजूद इसके, पलामू की बेटियां हिम्मत नहीं हार रहीं। वे अंतरजिला, राज्य और अंतरराज्यीय प्रतियोगिताओं में पदक जीतकर जिले का नाम रोशन कर रही हैं। हिन्दुस्तान के बोले पलामू अभियान में इन खिलाड़ियों ने अपनी आवाज बुलंद की। कहा- अगर सुरक्षा, संसाधन और प्रशिक्षण मिल जाए, तो हम भी देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मेडल जीतकर दिखा देंगे। मेदिनीनगर। झारखंड का पलामू जिला खेल प्रतिभाओं से भरा पड़ा है, लेकिन संसाधनों की कमी ने यहां के खिलाड़ियों के ...
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