धनबाद, अप्रैल 22 -- एक तरफ बिनोद बिहारी कोयलांचल विश्वविद्यालय युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए अपनी ओर आकर्षित कर रहा है तो दूसरी तरफ विश्वविद्यलय के आसपास बसे कई मुहल्लों में हजारों की आबादी रह रही है। राजनगर, सुभाष नगर, माडा कोऑपरेटिव कॉलोनी आदि हैं, जो सुविधाओं से वंचित हैं। बोले धनबाद की ओर से आयोजित संवाद में मुहल्ले वालों ने कहा कि आवासीय कॉलोनियों से पानी निकासी की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। जलापूर्ति पाइप लाइन सभी मुहल्लों तक नहीं पहुंची है। वहीं खाली जमीन का उपयोग पार्क के रूप में किया जाए तो मुहल्ले वासियों को बेहतर माहौल मिले। अधूरी नालियों के कारण भी दिक्कत है। सुभाष नगर और राजनगर के समीप सरकारी भूखंड भी है, जहां पार्क का निर्माण किया जा सकता है। इससे महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को घुमने में सुविधा होगी। लोगों का कहना है कि पार्क...
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