देहरादून, मई 3 -- आरकेडिया अपने चाय बागान के लिए मशहूर रहा है। पहले यह ग्राम पंचायत थी। वर्ष 2018 में यह क्षेत्र इस उम्मीद के साथ नगर निगम में शामिल हुआ कि अब यहां का विकास शहर जैसा होगा। लेकिन, ऐसे हालात बन गए कि ग्राम पंचायत से नगर निगम को मिली सरकारी जमीनों पर माफिया कब्जा करने में लग गए। ऐसा हम नहीं, आरकेडिया के लोग कह रहे हैं। नगर निगम ने यहां सरकारी भूमि होने के बोर्ड लगाए थे, उनको भी कुछ समय बाद उखाड़कर फेंक दिया गया। आरकेडिया में जरूरी सुविधाओं के लिए सरकारी जमीनें नहीं मिल पा रही हैं। प्रस्तुत है कुमुद नौटियाल की रिपोर्ट... आरकेडिया-प्रथम वार्ड के लोग बताते हैं कि यह शहर का दूरस्थ वार्ड है, इसलिए सुख-सुविधाएं भी यहां देर से पहुंचती हैं। नगर निगम से एक-एक स्ट्रीट लाइट के लिए कई बार गुहार लगानी पड़ती है। कोई स्ट्रीट लाइट खराब हो गई...
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