जौनपुर, फरवरी 26 -- अंग्रेजों के जमाने की चाचकपुर फूल मंडी को गुलजार करने वाले किसान और कारोबारी तनाव में हैं। वे चाहते हैं कि खेतों को घड़रोज-नीलगायों से सुरक्षा मिले, मंडी में रोज सफाई हो, साथ में एक शौचालय भी बन जाए। मंडी में रोज आने वाले हजार से अधिक खरीदार और विक्रेता परिवहन के दौरान किराये में छूट भी चाहते हैं। उनका कहना है कि फिर आजमगढ़, भदोही, मिर्जापुर-विंध्याचल तक कारोबार अधिक सुगम हो जाएगा। फूलों की खरीद-बिक्री का आंकड़ा भी कुछ लाख से कई लाख में तब्दील होता दिखेगा। चाचकपुर फूल मंडी कभी इत्र उद्योग का केंद्र थी। आज कई गंभीर समस्याओं से जूझ रही है। किसान और व्यापारी सुबह पांच बजे से मंडी में फूलों की खरीद-बिक्री के लिए जुटने लगते हैं। यहां हर रोज अव्यवस्था का माहौल रहता है। पार्किंग और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधा की कमी से भारी परे...
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