भागलपुर, जनवरी 28 -- -प्रस्तुति : राजीव कुमार देश सेवा का सपना लेकर एनसीसी की वर्दी पहनने वाले जमुई जिले के सैकड़ों कैडेट्स आज खुद को उपेक्षित महसूस कर रहे हैं। अनुशासन, नेतृत्व और राष्ट्र सेवा की भावना से जुड़ने का जुनून लिए इन युवाओं के सामने कई ऐसी चुनौतियां हैं, जो न सिर्फ उनकी मेहनत, बल्कि उनके सपनों पर भी भारी पड़ रही हैं। भविष्य अधर में, मेहनत बेकार एनसीसी की संरचना तीन स्तरों- ए, बी और सी सर्टिफिकेट पर आधारित है। जहां हाईस्कूल के छात्रों को 'ए', इंटरमीडिएट के छात्रों को 'बी' और स्नातक छात्रों को 'सी' सर्टिफिकेट दिया जाता है। लेकिन शिक्षा प्रणाली में बदलाव के बाद भी एनसीसी सर्टिफिकेट की नीति पुरानी बनी हुई है। जमुई के कई उच्च माध्यमिक स्कूल अब 10 2 मॉडल में बदल चुके हैं, लेकिन इन स्कूलों में पढ़ने वाले कैडेट्स को आज भी सिर्फ 'ए' सर्टिफ...