भागलपुर, मार्च 31 -- देश की रक्षा में जान न्यौछावर करने वाले जवानों पर देश को गर्व है। जो जवान सरहद की रक्षा कर घर लौटे हैं, उन्हें भी हमें उचित सम्मान देना चाहिए। पूर्व सैनिकों ने संवाद के दौरान परेशानियां बताईं। उन्होंने कहा कि जिंदगी भर सीमा पर देश की सेवा की, लेकिन जब घर लौटे तो पता चला कि किसी ने जमीन पर कब्जा कर रखा है। थाने में ठीक से सुनवाई नहीं होती। अब तक जमुई में हेल्प डेस्क भी नहीं बन पाया है। आखिर पूर्व सैनिक अपनी फरियाद लेकर कहां जाएं। कौन सुनेगा। 1975 में बिहार राज्य पूर्व सैनिक संघ का गठन किया गया। संघ के माध्यम से सरकार से अपनी मांग रखते आ रहे हैं। 01 हजार के करीब है जिले में पूर्व सैनिकों की संख्या 15 सौ के करीब पूर्व सैनिकों के आश्रित भी रहते हैं जमुई में 10 प्रखंडों में रहते हैं सैनिक व उनके आश्रित जिले में पूर्व सैनिक...
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