भागलपुर, फरवरी 24 -- -प्रस्तुति : राजीव रंजन कौशिक डिजिटल इंडिया और हर-घर नल का जल जैसे सरकारी अभियानों की चमक भले ही कागजों और विज्ञापनों में दिखाई देती हो, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही कहानी कहती है। जमुई जिले के चकाई प्रखंड अंतर्गत रामचंद्रडीह पंचायत का छछूडीह गांव इसका जीवंत उदाहरण है। करीब एक हजार की आबादी वाला यह गांव आज भी स्वच्छ पेयजल, सुरक्षित आवागमन और बुनियादी सुविधाओं के लिए संघर्ष कर रहा है। मुख्यमंत्री की महत्वाकांक्षी मुख्यमंत्री नल-जल योजना यहां मजाक बनकर रह गई है। ग्रामीणों के अनुसार करीब छह-सात वर्ष पहले पीएचईडी विभाग ने संवेदक के माध्यम से गांव में योजना का कार्य शुरू कराया था। बोरिंग कराई गई, लोहे का भारी-भरकम स्ट्रक्चर खड़ा किया गया, टंकियां लगाई गईं और गलियों में पाइप भी बिछाए गए। उस समय ग्रामीणों को लगा था कि अब उन्ह...