भागलपुर, मई 3 -- झाझा के कई क्षेत्रों का उचित विकास नहीं हो सका है। मूलभूत सुविधाओं की दरकार है। वहीं झाझा में निबंधन कार्यालय नहीं है। इस वजह से जमीन की खरीद-बिक्री के दस्तावेज बनाने के लिए लोगों को दशकों से 75 किमी की दूरी नापनी पड़ती रही है। अत्यधिक समय और पैसा खर्च होता है। हिन्दुस्तान के साथ संवाद के दौरान झाझा के लोगों ने अपनी परेशानी बताई। गरीब महिलाओं ने कहा कि सरकार ने उन्हें रोजगार नहीं दिया। पेंशन के तौर पर महज चार सौ रुपये ही देती है। वे बीड़ी बनाकर उसकी मजदूरी से परिवार चला रही हैं। किसी जरूरत में जमीन बेचने पर रजिस्ट्री को चकाई या जमुई जाना होता है। इस दौरान काफी पैसे खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा दिन भर का समय भी बर्बाद हो जाता है। संवाद के दौरान सबने झाझा में रजिस्ट्री कार्यालय खोलने की मांग की। 75 किलोमीटर की दूरी तय करनी पड...
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