भागलपुर, मई 26 -- नृत्य-संगीत के कलाकारों को खल रही मंच की कमी पौराणिक शहर जमुई में संगीत, साहित्य, लेखन, मूर्ति निर्माण, कुंभ कलाकारी, मिष्टान निर्माण और गायकी जैसे कितने की कलात्मक आयाम वर्षों पहले से रचे बसे हैं। पहली ये कलाएं जितनी समृद्ध थी आज नहीं। सरकारी उपेक्षा, नयी पीढ़ी की बदलती मानसिकता ने वर्षों पुराने कला की जड़ को कमजोर किया है। संसाधन के साथ कला प्रदर्शन का मौका नहीं मिलने के कारण इस क्षेत्र में युवा पीढ़ी की रूचि कम हो गयी है। जमुई में आर्थिक दृष्टिकोण से इस क्षेत्र में बेहतर भविष्य नहीं होने के कारण कला की दुनिया की चमक फीकी पड़ी है। 2000 से अधिक लोग ले रहे ट्रेनिंग 01 भी सरकारी स्तर पर रंग मंच नहीं है जिला में 177 हाई स्कूल हैं जिले में प्रस्तुति: मनोज तिवारी जमुई धार्मिक पहलुओं के साथ ही वर्षों से कला की मजबूत विरासत रही है...
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