भागलपुर, मार्च 9 -- जिले में काफी संख्या में लोग पशुपालन करते हैं। इनमें से कुछ पशुओं का पालन दूध के लिए तो कुछ का व्यावसायिक उद्देश्य से किया जाता है। इन पशुओं को मिलने वाला चारा महंगा होने के कारण अब पशुपालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लागत के हिसाब से उन्हें मुनाफा नहीं मिल पा रहा है। जमुई। संजीव सिंह जमुई कृषि और पशुपालन आधारित जिला है। जिले में पशुपालन किसानों को आत्मनिर्भर बनाने का महत्वपूर्ण जरिया है। अधिकतर किसान खेतीबारी के साथ-साथ दुधारू पशुओं का पालन कर जीवनयापन करते हैं। इसके अलावा बड़ी संख्या में बकरी, मुर्गी आदि पशुपालन करते हैं। जमुई जिले में 152 पंचायतें हैं। उसके साथ ही जमुई नगरपरिषद और झाझा और सिकंदरा दो नगर पंचायत हैं। जमुई जिले में 5 लाख 20 हजार 8 सौ मवेशी है। वहीं जिले में बकरी की संख्या 3 लाख 2 हजार 400 है। ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.