जमशेदपुर, मार्च 6 -- मदरसा मुस्लिम समाज के बच्चों के लिए शिक्षा ग्रहण करने की पारंपरिक व्यवस्था रही है। समय के साथ यहां की शिक्षा प्रणाली में भी बदलाव आ रहा है और संचालक धार्मिक शिक्षा के साथ ही विज्ञान और अन्य विषयों की पढ़ाई करा रहे हैं, लेकिन सरकारी निष्क्रियता और असहयोग के कारण मदरसों का संचालन मुश्किल हो रहा है। हिन्दुस्तान ने मदरसा के शिक्षकों, बच्चों और संचालकों से बात कर उनकी समस्याओं को जानने का प्रयास किया। संचालकों का कहना है कि मदरसों की परिकल्पना एक हाथ में कुरान और एक हाथ में विज्ञान के कॉन्सेप्ट के आधार पर की गई है, लेकिन सरकार से कोई सहयोग नहीं मिलने के कारण यह विचार और व्यवस्था पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पा रही है। शहर में मदरसों की व्यवस्था दो तरह की है, एक मदरसे का संचालन प्रबंध कमेटी द्वारा किया जाता है तो दूसरे का संच...
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