गोंडा, जनवरी 1 -- नाले और नालियों की मुख्यालय में बड़ी समस्या है। कई मोहल्लों में जलनिकासी की रंचमात्र व्यवस्थाएं नहीं होने से लोगों में चिंताएं हैं। इसकी वजह कई नालों का बंद हो जाना, नालों की ढंग से तली झाड़ सफाई नहीं होना और नालों का आबादी के लिहाज से अत्यधिक संकरा होना आदि हैं। हालांकि बारिश के बाद भी अब तक कोई इंतजाम नहीं हो सके हैं। गोण्डा। जिला मुख्यालय की जल निकासी व्यवस्था कागजों में भले ही बेहतर बताई जाती हो, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। शहर में मौजूद 26 छोटे-बड़े नाले अतिक्रमण, सिल्ट और गंदगी से जूझ रहे हैं, जिससे बरसात के मौसम में ही नहीं, बल्कि सामान्य दिनों में भी लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। हैरानी की बात यह है कि बरसात का मौसम बीत जाने के बाद भी नालों की दशा में कोई ठोस सुधार नहीं हो सका है। शहरी क्षेत्र में ...