गोंडा, नवम्बर 27 -- जिले में सड़क हादसों में गंभीर रूप से घायल लोगों को अस्पताल पहुंचाने में सरकारी एम्बुलेंस की अहम भूमिका है। रिस्पांस टाइम घटने से गोल्डन ऑवर में इलाज मिलने से तमाम घायलों की जान बच जाती है। बीते दिनों मंडलायुक्त ने अफसरों के साथ टेस्ट कॉल करके एम्बुलेंस का रिस्पांस टाइम परखा था। यही नहीं साल के शुरुआती महीनों में खटारा होने की वजह से एम्बुलेंस नहीं पहुंच पाती थी। इससे रिस्पांस टाइम भी बढ़ गया था। गोण्डा। एम्बुलेंस व्यवस्था चिकित्सा व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। कारण, अगर मरीज समय से अस्पताल पहुंच गया और इलाज मिल गया तो उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। दुर्घटना और हार्ट अटैक के मामलों में तो एम्बुलेंस की और भी महत्वपूर्ण भूमिका हो जाती है। इमरजेंसी मामलों के लिए जिले में कुल 108 की 39 गाडियां संचालित की जा रही हैं...