गोंडा, अगस्त 7 -- मंडल मुख्यालय पर स्थित बाबू ईश्वर शरण अस्पताल में डॉक्टर हैं, दवाएं भी हैं, मरीज भी उमड़ते हैं लेकिन उपकरणों के ठीक से काम न करने से समुचित इलाज नहीं हो पा रहा है। कहने को तो यह अस्पताल अब मेडिकल कॉलेज का हिस्सा बन गया है लेकिन सुविधाएं मेडिकल कॉलेज स्तरीय नहीं हो पाईं है। गोण्डा। मंडल मुख्यालय पर स्थित बाबू ईश्वर शरण अस्पताल मंडल का लाइफ लाइन माना जाता है। इस अस्पताल में मंडल के चारों जनपदों के साथ ही पड़ोसी देश नेपाल तक के मरीज इलाज कराने आते हैं। यह बात दीगर है कि जब से यह अस्पताल स्वशासी मेडिकल कॉलेज से सम्बद्ध हुआ है तब से मरीजों के लिए कुछ सुविधाएं जरुर बढ़ीं हैं लेकिन फिर भी इलाज का स्तर मेडिकल कॉलेज का नहीं हो पाया है। इसके बावजूद भी मरीजों की आमद अस्पताल में बढ़ गई है। एक अनुमान के मुताबिक ओपीडी का आंकड़ा दो हजा...
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