गोंडा, जनवरी 12 -- कड़ाके की ठंड में सभी लोग बेहाल नजर आ रहे हैं। लोग मौसम की मार से बचाव के इंतजाम की ओर टकटकी लगाए देख रहे हैं। हालांकि बेसहारा लोगों को राहत देने के लिए शेल्टर होम और रैन बसेरे संचालित किए जा रहे हैं। मगर जमीनी हकीकत दावों से अलग नजर आ रही है। गोंडा। सर्दी में सिर छिपाने के लिए जिला प्रशासन के निर्देश पर पालिका ने अस्थायी और स्थायी रैन बसेरे बनाए हैं, लेकिन उसका लाभ जरूरतमंदों को नहीं मिल पा रहा है। यूं तो इसकी कई वजह है पर सबसे अहम है, आधार की अनिवार्यता। वहीं, बस अड्डे पर बने रैन बसेरे में ठंडक से बचने को उचित इंतजाम भी नहीं है। बस स्टैंड और रेलवे स्टेशनों पर ठंडक से बचाव के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से यात्रियों को दुश्वारी झेलनी पड़ रही हैं। लोगों के मुताबिक रात में जब बर्फीली हवा चलती है तो सारे इंतजाम अपर्याप्त नज...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.