गोंडा, नवम्बर 1 -- जिले में महिला श्रमिकों की जिंदगी संघर्षों से भरी हुई है। निर्माण स्थलों, खेतों में काम करने के बावजूद उन्हें उचित मजदूरी नहीं मिलती। पुरुषों के समान काम करने पर भी उन्हें कम भुगतान किया जाता है। हिन्दुस्तान के बोले गोण्डा मुहिम में शामिल लोगों ने बताया कि महिला श्रमिकों को वेतन असमानता, समान काम के लिए कम वेतन, असुरक्षित कामकाजी माहौल और सामाजिक मानदंडों जैसी कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है। गोण्डा। जिले में दिहाड़ी मजदूरी करने वाली महिला श्रमिकों की जिंदगी संघर्षों से घिरी हुई है। निर्माण स्थलों, खेतों, छोटी मोटी फैक्ट्रियों और ईंट-भट्ठों पर दिन-रात पसीना बहाकर भी उन्हें उनका हक नहीं मिल पाता है। महिलाओं ने बताया कि कार्यस्थल पर न तो उन्हें सम्मान मिलता है, न सुरक्षा और न ही मेहनत के अनुरूप मजदूरी दी जाती है। हिन्द...
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