गोंडा, नवम्बर 10 -- जिले में अपने घर के सबसे नजदीक पीएचसी पर मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाएं बदहाल हैं। कहीं डाक्टर की तैनाती नहीं है तो कहीं तैनाती के बाद भी डाक्टर आते ही नहीं हैं। फार्मासिस्ट व चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी आने वाले मरीजों को लाल-पीली गोलियां देकर टरका दे रहे हैं। वहीं डाक्टर को कौन कहे कर्मचारी तक ओपीडी का समय समाप्त होते ही रफूचक्कर हो जाते हैं और पीएचसी पर ताला लटक जाता है। जिसके कारण रात में बीमार होने वाले लोगों को निजी अस्पतालों में महंगा इलाज कराना पड़ता है। गोण्डा। जिले में पीएचसी का हाल बदहाल है। नाम है प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकिन इलाज के नाम पर कुछ भी नहीं है। कहीं फार्मासिस्ट तो कहीं चतुर्च श्रेणी कर्मचारी लोगों को लाल - पीली गोलियां देकर टरका दे रहा है। बुखार व दस्त तक के मरीज को रेफर कर दिया जा रहा है। यह हाल क...