गोंडा, जुलाई 4 -- जीवन में रक्तदान से बड़ा कोई दान नहीं है। लेकिन इसके प्रति लोगों में जागरूकता की कमी है। लोग अपने परिजनों को भी रक्त देने से कतराते हैं, जिसके कारण क्षमता का एक चौथाई खून भी ब्लड बैंक में नहीं रहता है, जिसके कारण ब्लडबैंक सूखा रहता है। वैसे समय-समय पर रक्तदान के लिए जागरूकता कार्यक्रम भी आयोजित किया जाता है फिर भी लोगों में पर्याप्त जागरूकता नहीं आ पा रही है। रक्तदान करने वाले युवाओं ने हिन्दुस्तान के बोले गोण्डा कार्यक्रम में खुलकर अपनी बात रखी और कई शिकायतें व सुझाव भी दिए। 14 बार रक्तदान कर चुके आनंद विक्रम सिंह ने कहा कि रक्तदान को लेकर कई समस्याएं हैं। कहा कि ई-रक्तकोष एप की जानकारी अपडेट नहीं होने और ब्लड बैंकों के सीयूजी नंबर नहीं होने से लोगों को परेशानी हो रही है। जिसके चक्कर में लोगों को अस्पताल में गुमराह होना...
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