गाजीपुर, सितम्बर 7 -- गाजीपुर। कोल्हू के तेल की कभी दूर-दूर तक डिमांड थी। इस नाते मोहल्ले का नाम पड़ गया तेलपुरा। तेल निकालने वाले कोल्हू के बैल की खासियत होती थी कि वह एक तय परिधि में चक्कर लगाता रहता था, बिना रुके और बिना थके। कहीं पहुंचता नहीं था। यही हाल तेलपुरा और वहां के बाशिंदों का है। दशकों से जलजमाव, गंदगी, शुद्ध पेयजल संबंधी समस्याओं की वे बिना थके शिकायतें करते जा रहे हैं, मगर उन्हें दूर तक समाधान नहीं सूझ रहा है। वे समझ नहीं पा रहे कि अब किससे गुहार लगाई जाए! गरपालिका के वार्ड नंबर-19 में तेलपुरा मोहल्ला स्थित है। यहां नौ सौ से ज्यादा की आबादी निवास करती है। पूर्व में यहां बड़े पैमाने पर कोल्हू से तेल पेराई होती थी। यहां का तेल पूरे भारत में जाता था। धीरे-धीरे तेल पेराई का धंधा खत्म हुआ तो रौनक भी चली गई। लोग सामान्य नागरिक सु...
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