कुशीनगर, मई 12 -- bole kushinagar शहर के अधिकांश सड़कों के किनारे स्थित मोटर गैराज में कोई न कोई मैकेनिक वाहनों का मरम्मत करते दिख जाता है। वाहन बनाते हुए काले हुए उसके हाथ और चेहरे पर उभरी हुई हाड़तोड़ मेहनत की झलक, यह बता देती है कि वह परिवार के लिए कितना फिक्रमंद हैं। यह पुराने से पुराने वाहन में जान फूंक देते हैं, लेकिन आजकल यह लोग खाली हाथ हो गए हैं। कारण है, बदलते समय में तकनीकी जानकारी नहीं होने के चलते इनका हुनर बेकार होने लगा है। अगर तकनीकी जानकारी मिल जाए तो फिर इनकी भी जिंदगी की गाड़ी रफ्तार पकड़ लेगी। 'हिन्दुस्तान से बातचीत में कार मैकेनिकों ने अपनी समस्याओं को साझा किया। असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा कई योजनाएं चलाई जा रहीं हैं। बड़े महानगरों में इन योजनाओं का लाभ लेकर बहुत से श्रमिक अपने पैरो...
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