आगरा, दिसम्बर 30 -- कासगंज में कभी आधी आबादी घूंघट की ओट में रहकर अपने घरों तक ही सीमित रहती थीं, लेकिन खुद को आत्मनिर्भर बनाने व घर परिवारों की उन्नति के लिए उन्होंने भी बदलाव कर दिखाया। घर की दहलीज लांघकर उन्हें अपनी मेहनत के बूते पर साबित करके दिखाया कि वे किसी भी स्थिति में पुरुषों से कम नहीं हैं, चाहे वह रोजगार हो या राजनीति अथवा सामजिक गतिविधियां। यह बदलाव कोई बहुत अधिक पुराना नहीं है महज पिछले 10 से 15 सालों में दिखाई दिया है, अब हर क्षेत्र में महिलाएं आगे बढ़कर जिम्मेदारी संभाल रही हैं। महत्वपूर्ण पदों पर काबिज होकर घरों के साथ कर्तव्य पथ की जिम्मेदारी संभाले हुए हैं। ऐसे में एकाध नहीं बल्कि कई उदाहरण कासगंज में सामने हैं। यहां की महिलाओं ने राजनीति में आकर सूबे की सबसे बड़ी पंचायत विधान सभा में भी जनता का प्रतिनिधित्व किया है और नग...
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