वाराणसी, फरवरी 22 -- वाराणसी। जिम्मेदारी है 436 गावों की। सूबे में सबसे बड़ी तहसील का तमगा लेकिन वकीलों की जुबानी सिस्टम की दशा सुनने के बाद यह सवाल उठना स्वाभाविक है कि संसाधन-सुविधा न सुरक्षा, यहां कौन और कैसे करे जल्द न्याय की अपेक्षा? पेयजल-शौचालय और बैठने के मुकम्मल इंतजाम नहीं। लेखपाल-अमीन के साथ आउटसोर्सिंग कर्मचारी कोर्ट में पेशकार की भूमिका निभा रहे हैं। नायब तहसीलदारों के कक्ष नहीं हैं। सीसीटीवी कैमरे सिर्फ कोर्ट में ही हैं। परिसर की सुरक्षा भगवान भरोसे है। अधिवक्ताओं और वादकारियों, फरियादियों का तहसील पहुंचना भी आसान नहीं है। -------- न्याय को सर्वोपरि मानते हुए प्रशासनिक विकेन्द्रीकरण के तहत 1 जनवरी-2014 को राजातालाब तहसील का गठन हुआ था। बीते 12 वर्षों की अवधि में यहां वे सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हो सकीं जो किसी भी तहसील के लिए...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.