वाराणसी, फरवरी 8 -- वाराणसी। लक्ष्मी नगर कॉलोनी (तरना) विकास की कागजी चमक और जमीनी हकीकत के बीच गहरे फासले की दास्तां सुना रही है। यहां की गलियों में बदहाली का 'कीचड़' है। एक ओर ताड़केश्वर महादेव मंदिर की घंटियां आस्था का संचार करती हैं, तो दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसते लोग प्रशासनिक व्यवस्था से मोहभंग की गवाही दे रहे हैं। टैक्स की रसीदें हर घर पहुंचती हैं, लेकिन नलों में पानी, सड़कों पर रोशनी अभी 'ख्वाब' है। जब सफाई के लिए लोगों को चंदा जुटाना पड़े तो समझिए कि व्यवस्था पंगु है। वार्ड नं-21 तरना के विस्तार में शामिल हुई 'लक्ष्मी नगर कॉलोनी' विकास के खोखले वादों का गवाह बन गई है। कॉलोनीवासियों ने 'हिन्दुस्तान' के साथ बातचीत में पीड़ा सुनाई। बोले, हम 'स्मार्ट सिटी' के वासी हैं, लेकिन प्यास बुझाने के लिए जेब खाली करनी पड़ती है। ताड़क...
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