वाराणसी, सितम्बर 8 -- वाराणसी। कभी यह कही जाती थी वीडीए की सबसे अच्छी कॉलोनी। सन-1976 में बनने के कई वर्षों बाद तक अच्छी लगती और दिखती भी थी मगर यहां के माहौल पर अतिक्रमणकारी, शराबी और जुआरी हावी होते गए। अब तो कॉलोनी के पार्क में जाना मुश्किल है। बाहरी लोगों के साथ छुट्टा पशुओं की बेलगाम आवाजाही और अवैध व्यावसायिक गतिविधियों से भी कॉलोनी की छवि पर दाग लग रहा है। सहूलियत पर जिम्मेदारों का ध्यान नहीं, इसलिए सुकून भी यहां से गायब हो चला है। वीडीए की शुरुआती आवासीय योजनाओं की देन है शास्त्री नगर। 222 फ्लैटों के साथ कॉलोनी के फ्रंटेज पर कई दुकानें भी बनीं जो अब शहर के प्रमुख व्यावसायिक केन्द्र के रूप में तब्दील हो चुकी हैं। सामने मॉल बनने के बाद कॉलोनी के नागरिक व्यावसायिक गतिविधियों, वाहनों के शोरगुल से घिर गए। इससे आवासीय माहौल एकदम से बदल ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.