वाराणसी, जुलाई 3 -- वाराणसी। ऑटो या ई-रिक्शा वाले कॉलोनी का नाम सुनते ही बिदक जाते हैं-हमें पत्थरों वाली गली में नहीं जाना है। उनका इनकारनामा वाजिब भी है। मेन सड़क हो या गलियां, सभी क्षतिग्रस्त हैं। गलियों में पत्थरों के चौके उखड़ गए हैं। दो फीट तक गहरे गड्ढे हैं। 10 वर्षों से इस सड़क से आवागमन के चलते हर में कमर-पीठ दर्द के मरीज मिल जाएंगे। इस दौरान 'माननीय कई बार आए और हर बार चौंके-अरे यह सड़क अब तक नहीं बनी! बाशिंदों ने दोहराया-मंत्रीजी आपकी सड़क अब नहीं बन सकी है। अर्दलीबाजार महाबीर मंदिर के सामने से एक रोड जाती है चांदमारी नटिनियादाई की ओर। उसी के किनारे बसी श्यामपुरी कॉलोनी (ब्लॉक बी) की मुख्य सड़क जर्जर है। डेढ़ हजार से अधिक आबादी वाली कॉलोनी ए और बी-दो ब्लॉक में विभक्त है। दोनों में नागरिक सुविधाओं से जुड़ी कोई न कोई समस्या है मगर...
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