वाराणसी, जुलाई 12 -- वाराणसी। सारनाथ क्षेत्र में पर्यटन विकास की दृष्टि से अनेक काम हुए हैं जबकि इस क्षेत्र की कॉलोनियों का अनियोजित विकास पूरे सिस्टम को मुंह चिढ़ाता है। असंतुलित विकास का दर्द कई फेज में बनी कॉलोनियों में अधिक है। उनमें अनमोल नगर भी है। इसके फेज-वन में पर्याप्त बुनियादी सुविधाएं हैं जबकि फेज-2 के बाशिंदे उनके लिए गुहार लगा रहे हैं। सड़क-सीवर, पेयजल समस्याओं से जुड़े उनके शिकायती पत्रों का वजन लगातार बढ़ रहा है जबकि उपेक्षा का दर्द रंचमात्र नहीं घटा है। नागरिकों का सवाल है, उनके साथ सौतेलापन क्यों? अनमोल नगर कॉलोनी-फेज दो (नवापुरा) सारनाथ संग्रहालय से कुछ मीटर की दूरी पर है। यहां समस्याओं की ढेर दिखती है। 'हिन्दुस्तान से बातचीत में कॉलोनीवासियों का दर्द उभरा कि कहने को यह कॉलोनी पुराने शहर का हिस्सा है। दो दशक से कॉलोनी क...
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