वाराणसी, अप्रैल 17 -- वाराणसी। 'प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीति बहुत अच्छी है। मुख्यमंत्री की नीयत, मेहनत पर कोई सवाल नहीं मगर उनसे कौन कहे कि आपके तमाम विभागों के अफसर आपकी मंशा में पलीता लगा रहे हैं। नियमों का उलझाऊ जाल, दूसरी ओर विभागों की बेढंगी चाल ने तंग कर रखा है। निवेश-मित्र पोर्टल पर कोई भी डाटा विभागीय कर्मचारियों की मर्जी के बिना स्वीकृत नहीं हो सकता।...धन नहीं, ध्यान की कमी है। ईज ऑफ डूइंग... ईज ऑफ डिफिकल्टी बन चला है। इस माहौल में कैसे और कब तक सर्वाइव कर पाएंगे उद्योग- ये शब्द हैं रामनगर औद्योगिक क्षेत्र के बहुतायत उद्यमियों के। रामनगर औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना सन-70 के दशक में हुई तो वह औद्योगिकीकरण की दिशा में बनारस के बढ़ते कदम का एक उद्घोष भी था। 47-48 वर्ष बाद वह इंडस्ट्रियल एरिया 305 एकड़ से फैलती हुई लगभग 700 एकड़ में...
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