वाराणसी, जनवरी 30 -- वाराणसी। तथागत बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ का हाल के दिनों में कायाकल्प हुआ है। चमचमाती सड़कें, हेरिटेज स्ट्रीट लाइटें और दूसरी सुविधाएं विकास की गवाही दे रही हैं। वहीं एकदम सटी बुद्धा सिटी कॉलोनी फेज-1 के नागरिक सड़क-सीवर और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाओं के अभाव झेल रहे हैं। यहां घरों में बाहर से ताले नहीं लगते क्योंकि तब चोरी होना तय माना जाता है। वर्ल्ड बैंक के प्रोजेक्ट के तहत 90 करोड़ रुपये से सारनाथ और आसपास नए निर्माण हुए हैं। वहीं पुरातत्व संग्रहालय के सामने से एक खस्ताहाल सड़क बुद्धा सिटी फेज 1 की ओर जाती है। जैसे-जैसे आप इस सड़क पर आगे बढ़ते जाएंगे, कॉलोनी की बदहाली सामने आती जाएगी। कहीं सड़क अच्छे हाल में दिखे तो पीडब्ल्यूडी या नगर निगम को धन्यवाद देने की जरूरत नहीं। क्योंकि वह सड़क कॉलोनी के लोगों ने ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.