वाराणसी, जनवरी 15 -- वाराणसी। कॉलोनी का प्रवेश द्वार चमकता है, लेकिन अंतिम छोर पर पहुंचते ही विकास की धज्जियां उड़ती दिखती हैं। कॉलोनी नगर निगम के मानचित्र में है, लेकिन विकास की हकीकत किसी पिछड़े गांव से बदतर है। एक किलोमीटर लंबा खुला नाला यमदूत बन गया है। कच्ची सड़क, पानी और सीवर लाइन का अभाव कचोट रहा है। बिजली के झूलते तार और बदहाल पार्क कॉलोनी की नियति बन चुके हैं। पार्क समेत कई जगह असामाजिक तत्वों, नशेड़ियों का जमावड़ा माहौल खराब कर रहा है। महिलाएं, लड़कियां असुरक्षित महसूस करती हैं। तरना स्थित यमुना नगर कॉलोनी के बाशिंदों के लिए हर सुबह एक नई जद्दोजहद लेकर आती है। यह इलाका सैकड़ों परिवारों की बेबसी का गवाह है जो नगर निगम की सीमा में रहते हुए बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। कॉलोनी वासियों ने 'हिन्दुस्तान' के साथ अपनी समस्याएं सा...