वाराणसी, नवम्बर 30 -- वाराणसी। पौराणिक कर्दमेश्वर महादेव मंदिर से सटा है इलाका। एक रोड के दोनों ओर बसी घनी आबादी जो सीवर और पानी की पाइप लाइन बिछने का लंबे समय से इंतजार कर रही है। गड्ढों से भरी सड़क और पग-पग पर गंदगी बदइंतजामी का ही उदाहरण नहीं हैं बल्कि नगर निगम की छवि भी दागदार बना रही है। अति प्राचीन मंदिर में शौचालय का अभाव श्रद्धालुओं को अखरता है। कचरा और जलकुंभी के चलते पास की पोखरी में पल रहे सैकड़ों कछुओं के अस्तित्व पर संकट गहराता जा रहा है। कंदवा खैरा रोड का संबंध कर्दम ऋषि की तपस्थली और अति प्राचीन कर्दमेश्वर महादेव से है। यह आस्था और इतिहास का एक पवित्र केंद्र है। लेकिन क्षेत्र के लगभग पांच हजार मकानों में रहने वाली 25 हजार की आबादी उपेक्षा का दंश झेल रही है। सैकड़ों कछुओं वाली ऐतिहासिक पोखरी गंदगी और अतिक्रमण से कराह रही है।...
Click here to read full article from source
To read the full article or to get the complete feed from this publication, please
Contact Us.