कानपुर, फरवरी 28 -- औद्योगिक नगरी कानपुर में ऑटो-टेंपो वालों पर रोजाना लगभग डेढ़ लाख सवारियों को ढोने का जिम्मा है। वह चालक जिनके वाहन परमिटशुदा हैं, वे नगर निगम को लाइसेंस शुल्क भी चुकाते हैं पर कोई सुविधा नहीं मिलती। इन्हें इस बात की कसक है कि वादों की चाशनी में इनके मुद्दे कहीं गुम हो गए। सरकारी मशीनरी ने न कभी संज्ञान लिया और न जनप्रतिनिधियों ने ध्यान दिया। ड्राइवर कहते हैं चौराहों पर अतिक्रमण हो तो बदनाम हम ही होते हैं। शहर में दौड़ने वाले परमिटशुदा टेंपो, ऑटो चालक हर साल लाइसेंस शुल्क के नाम पर 70-75 लाख रुपये नगर निगम को चुकाते हैं। टेंपो संचालक 720 रुपये तो ऑटो वाले 500 रुपये सालाना लाइसेंस शुल्क भरते हैं। इस एवज में नगर निगम को रजिस्टर्ड 49 स्टैंडों पर सुविधाएं भी मुहैया करानी होती हैं। स्टैंडों पर बोर्ड, बैठने को टिन शेड, महिला टॉ...
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