कानपुर, फरवरी 22 -- कानपुर को पूर्व का मैनचेस्टर का तमगा दिलाने वाली मिलों के पीछे लाटूश रोड का बड़ा हाथ रहा। यहीं है वो मशीनरी बाजार जहां हर तरह के कल-पुर्जे मिलते हैं। कारोबारी बताते हैं कि इसी खूबी ने बाजार को देश भर में ख्याति दिलाई, लेकिन उत्पीड़न और उपेक्षा से अब कारोबार पुर्जे-पुर्र्जे हो रहा है। अपने ही शहर में हम सरकारी महकमों के लिए बेगाने से हो गए। बाजार में बदइंतजामी बहुत है। बिजली, सड़क और सफाई का संकट है। यहां तक कि एक यूरिनल का भी इंतजाम नहीं हो सका। लगभग 125 साल पहले भीड़ वाले इलाके लाटूश रोड में बसे मशीनरी कारोबार ने शहर की दिन दोगुनी और रात चौगुनी तरक्की कराई। जब-जब जरूरत पड़ी यहां के कारोबारी आगे रहे। अंग्रेजों के जमाने में ही नहीं बल्कि आजादी के बाद भी शान-शौकत में कोई कमी नहीं रही। हालात अब बदल चुके हैं, समस्या और अव्यवस्थ...
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