भागलपुर, फरवरी 19 -- -प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज, मोना कश्यप कटिहार शहर में सिंगल यूज प्लास्टिक पर प्रतिबंध की घोषणा हुए वर्षों बीत गए, लेकिन जमीनी हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। जिला मुख्यालय से लेकर प्रखंड मुख्यालयों तक प्लास्टिक की थैलियां धड़ल्ले से बिक रही हैं। सब्जी मंडी हो, किराना दुकान या छोटे ठेले-हर जगह प्रतिबंधित प्लास्टिक खुलेआम इस्तेमाल में है। नगर प्रशासन की कार्रवाई महीने में एक-दो दिन की औपचारिक छापेमारी और प्रचार-प्रसार तक सीमित रह जाती है। इसके बाद हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। प्रतिबंध का असर कागजों में दिखता है, बाजार में नहीं। नतीजा यह है कि शहरी इलाकों से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक प्लास्टिक कचरे का अंबार लग रहा है। नालियां जाम हो रही हैं, बारिश के दिनों में जलजमाव बढ़ता है और खेतों तक में प्लास्टिक के टुकड़े पहुंच रहे...
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