भागलपुर, दिसम्बर 3 -- कटिहार शहर के उस इलाके में जिंदगी हर दिन संघर्ष बन चुकी है, जहां लोगों की गलियों से लेकर बच्चों के स्कूल तक धूल से ढंके रहते हैं। बाजार समिति की नजदीकी के कारण रोजाना भारी संख्या में माल लदे ट्रकों की आवाजाही होती है। सुबह से शाम तक गुजरने वाले ट्रकों का शोर और उड़ती धूल लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर भारी पड़ रही है। सबसे ज्यादा मुश्किल उन विद्यार्थियों को हो रही है जिनके विद्यालय इसी सड़क किनारे स्थित हैं। छोटी-छोटी कक्षाओं के बच्चे तक धूलकणों के बीच पढ़ने को मजबूर हैं। कई माता-पिता बताते हैं कि बच्चे घर लौटते-लौटते तक धूल से भर जाते हैं और स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ रहा है। इलाके में नल-जल योजना की पाइपलाइन अब तक पूरी तरह बिछाई नहीं जा सकी है। अधूरे काम ने कई जगह सड़कों को उबड़-खाबड़ बना दिया है। गड्ढों और टूटी ...
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