भागलपुर, सितम्बर 21 -- प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज/मदन सिंह मनिहारी का जमींदारी बांध, जो कभी गंगा की बाढ़ से रक्षा कवच माना जाता था, आज अपनी जर्जर हालत से हजारों परिवारों की चिंता का कारण बना हुआ है। समय के साथ मिट्टी बह गई, जगह-जगह गहरी दरारें पड़ गईं और कटाव ने बांध की मजबूती को सवालों के घेरे में ला दिया। ग्रामीणों के अनुसार, यह बांध उनके जीवन से जुड़ा है, क्योंकि इसके सहारे ही वे हर साल बाढ़ की मार झेलने से बचते हैं। पिछले ही साल बांध के कमजोर होने से लाखों की फसल बर्बाद हो गई और हजारों लोगों के घर उजड़ गए। हर मानसून यह आशंका फिर लौट आती है कि कब बांध टूटेगा और कब उनका सब कुछ बह जाएगा। ग्रामीणों की मांग है कि सरकार तुरंत इसकी मरम्मत और पक्की कटीकरण की व्यवस्था करे। मनिहारी का जमींदारी बांध कभी गंगा की बाढ़ से रक्षा कवच माना जाता था। ले...
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