भागलपुर, सितम्बर 2 -- प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज/ आशीष कुमार सिंह गांधी ग्राम बरेटा. वह पावन धरती, जिसने स्वतंत्रता संग्राम के वीर सेनानी बैजनाथ चौधरी को जन्म दिया, आज उपेक्षा और बदहाली का प्रतीक बन चुकी है। आजादी के लिए बलिदान देने वाला यह गांव अब सिर्फ एक सड़क की तलाश में है। स्टेट हाइवे-77 से जुड़ने वाली सड़क इतनी जर्जर है कि गड्ढों और जलजमाव से भरी यह हर गुजरने वाले के लिए खतरे का कारण बन गई है। स्थानीय लोग रोज इस मार्ग से गुजरते हुए अपनी जान जोखिम में डालते हैं। सड़क की खराब स्थिति केवल आवागमन की समस्या नहीं, बल्कि गांव की समग्र उपेक्षा और विकास की अनदेखी का प्रतीक बन चुकी है। वर्षों से आए वादों के बावजूद कोई ठोस काम नहीं हुआ। जिजिस धरती ने देश को स्वतंत्रता सेनानी बैजनाथ चौधरी जैसे वीर बेटे दिए, वही धरती आज अपनी बदहाली पर आंसू बहा र...
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