भागलपुर, अप्रैल 20 -- मशरूम उत्पादक किसानों की परेशानी प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज, देवाशीष गुप्ता कटिहार और सीमांचल का इलाका मशरूम उत्पादन के क्षेत्र में अब राष्ट्रीय पहचान की ओर बढ़ रहा है। खास बात यह है कि इस कारोबार से बड़ी संख्या में महिलाएं भी जुड़ रही हैं, जो न केवल अपनी आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं, बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई रफ्तार दे रही हैं। मशरूम की खेती कम लागत में अधिक मुनाफा देने वाला व्यवसाय बनता जा रहा है। इसके पोषण गुण और स्वास्थ्य लाभ इसे सुपर फूड की श्रेणी में रखते हैं। प्रोटीन का यह बेहतरीन स्रोत शाकाहारी और मांसाहारी दोनों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। हालांकि, किसानों के सामने पूंजी, बीज की गुणवत्ता और प्रशिक्षण जैसी कई चुनौतियां आज भी बनी हुई हैं। उत्पादकों का कहना है कि यदि बैंकों से सस्ता लोन और सरकारी सहा...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.