भागलपुर, जुलाई 5 -- प्रस्तुति: ओमप्रकाश अम्बुज, मोना कश्यप तेजाटोला... नाम में तेज है, मगर जिंदगी में सिर्फ अंधेरा। कभी धनाढ्य तेजा दास की पहचान से रोशन यह इलाका आज पानी, गंदगी और उपेक्षा में डूबा हुआ है। हर बारिश यहां घरों में घुसती है, सड़कें तालाब बन जाती हैं और सपने बह जाते हैं। सरकारी योजनाएं आती हैं, मगर असर नहीं छोड़तीं। मुहल्ले के बुजुर्ग आंखों में आंसू और युवा सीने में गुस्सा लिए जी रहे हैं। बच्चों का बचपन गंदगी में पल रहा है, महिलाएं बंद शौचालयों से जूझ रही हैं। यह बातें हिन्दुस्तान के 'बोले कटिहार' संवाद के दौरान उभर कर सामने आईं। कटिहार नगर निगम क्षेत्र का वार्ड चार यानी तेजाटोला- नाम जितना तेजस्वी, हकीकत उतनी ही पीड़ादायक। अधिवक्ता राजेश दास के परदादा तेजा दास के नाम पर बसे इस ऐतिहासिक मुहल्ले में आज लोगों की जिंदगी गंदे पानी...
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