औरंगाबाद, फरवरी 25 -- बोले औरंगाबाद : कारोबार के लिए कम ब्याज पर लोन और प्रशिक्षण की आस में मैकेनिक दो दशक पूर्व औरंगाबाद जिले में ऑटो पार्ट्स की दुकानें दो दर्जन से अधिक थीं लेकिन अब इनकी संख्या सैकड़ों में है। यहां हजारों मैकेनिक काम करते हैं। इन दुकानों से हजारों लोगों का भरण पोषण होता है। ट्रैक्टर, ट्रक, कार, जीप और बाइक के सभी छोटे-बड़े सामान यहां बिकते हैं। जिले के कई क्षेत्रों के लोग यहां आकर अपने वाहनों की मरम्मत करवाते हैं। जिले के छोटे व्यापारी और खरीदार यहां आते रहते हैं। दुकान के सामने पार्किंग स्थल नहीं होने की सबसे बड़ी समस्या है जिससे इस व्यवसाय की रौनक कम होती जा रही है। बाहर से वहां मरम्मत करवाने के लिए आने वाले लोग पार्किंग की व्यवस्था नहीं होने से परेशान रहते हैं। पार्ट्स दुकानदारों के पास एक सीमित जगह उपलब्ध है। एक समय मे...