पटना, फरवरी 21 -- औरंगाबाद जिले के छोटे होटल संचालकों का कारोबार सुबह चाय से शुरू होता है। गांव के चौक-चौराहों पर भी अब छोटे होटल संचालक मिल जाएंगे। इन होटलों पर चाय, समोसा, कचौड़ी, लिट्टी मिलेगी, वह भी कम पैसों में। इन होटल संचालकों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता है। कम आमदनी वाले इन होटल संचालकों की सामाजिक प्रतिष्ठा हनन प्रत्येक दिन होती है। होटलों पर सुबह चाय की चुस्की लेने जरूर पहुंचते हैं लेकिन इन छोटे होटल संचालकों की हालत खराब होती जा रही है। कभी सिलेंडर और कोयला की महंगाई उन्हें परेशान करती है। सभी छोटे होटल संचालक परेशानियों को झेल रहे हैं। हिन्दुस्तान के संवाद कार्यक्रम में शहर के छोटे होटल संचालकों ने खुलकर अपनी समस्याओं पर चर्चा की। इसमें उन्होंने कई सुझाव भी दिए। दीपक कुमार, गोल्डन कुमार, धीरज कुमार, लाला साव, बिट...
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