एटा, जनवरी 20 -- प्रदेश के अन्य जनपदों में जहां इलेक्ट्रिक सिटी बसें फर्राटा भर रही हैं, वहीं एटा आज भी परिवहन के नाम पर डग्गामार युग में जी रहा है। जिले के प्रमुख मार्गों से लेकर अंतरजनपदीय रूटों तक सरकारी सिटी बसों का अभाव है। इसका सीधा फायदा अवैध वाहन संचालक उठा रहे हैं। आलम यह है कि डग्गामार वाहन क्षमता से अधिक सवारियां भरकर सवारियों की जान जोखिम में डाल रहे हैं। आपके अपने अखबार हिन्दुस्तान के बोले एटा अभियान के दौरान आम जनता ने एटा में सिटी बसें चलाने की मांग उठाई है। इनके चलने से एक तरफ शहर और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच यातायात सुगम और सुरक्षित होगा। दूसरी ओर शहर को अनाधिकृत डग्गामार वाहनों के कारण लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा। एटा शहर से पिलुआ, मलावन, सकीट, अवागढ़, निधौली कलां, धुमरी, जैथरा, अलीगंज और जलेसर जैसे महत्वपूर्ण लोकल रूट...
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